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बादाम कैसे खाये?

 


आप मे से कई लोग सुबह बादाम खाते हैं। बादाम उन चीजों का खजाना है जो पोषण से भरपूर हैं। पोषक तत्वों से भरपूर सुबह खाली पेट बादाम खाना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद भी होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बादाम छीलकर खाने से ज्यादा फायदा होता है या बिना छीले। छिलके सहित बादाम खाने के फायदे इतने नहीं होते जितने की इसका छिलका उतारने के बाद फायदा मिलता है!


बादाम सहित सभी नट्स में फाईटिक नाम का एंजाइम पाया जाता है। वैसे तो ये एंजाइम लगभग सभी अनाजों और फलियों में भी होता है। इस एंजाइम की ये विशेषता होती है कि ये मिनरल को अपने साथ बांध लेता है, अर्थात उसके साथ क्रिया कर उसे अपने साथ जुड़ जाता है और उसे बेकार कर देता है अर्थात उनको नष्ट कर देता है और ज्यादा समय तक प्रयोग करने पर उस मिनरलस की कमी हो जाती है।

बिना भीगा बादाम भी यही करता है और अपने पाचन क्रिया के दौरान आवश्यक मिनरलस को नष्ट कर देता है और शरीर को लाभ के साथ-साथ नुकसान भी करता है। बादाम के छिलके में टेनिन (Tannin) नाम का एक रासायनिक पदार्थ होता है, जो कि इसके पोषक तत्वों के पाचन में अवरोध पैदा करता है। इसलिए बादाम भिगोने के बाद इसका छिलका उतार देना चाहिए।

एक और कारण ये है कि ज्यादातर बादामों पर डार्क ब्राउन कलर किया हुआ होता है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और वो भिगो कर छिलका उतारने से पूरी तरह से बेअसर हो जाता है। भीगने से बादाम के अन्दर एक और महत्वपूर्ण परिवर्तन ये होता है कि उसके अन्दर लिपासे (lipase) नामक एक digestive एंजाइम पैदा होता है जो इसकी फैट को उच्च गुणवत्ता से digest करता है।

रातभर भिगोए हुए बादाम में मोनोसेच्युरेटेड फैट होता है जो शरीर की चर्बी को कम कर सकता है. बादाम खाने से लीवर कैंसर का खतरा कम हो सकता है। बादाम, ऊतकों की मरम्मत करता है और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। खाली पेट सूखे बादाम खाने से बचना चाहिए इससे पित्त बढ़ता है।

बादाम या किसी भी नट्स को भिगोने का वैज्ञानिक तरीका यह है कि उचित मात्रा में बादाम या नट्स को एक कटोरे में डाल लें और किसी जग में RO के पानी में unrefined salt अर्थात साधारण समुद्री नमक को घोल लें, अब उस पानी को इतनी मात्रा में डालें कि बादाम या nuts अच्छी तरह से डूब जाएं। इनको अंधेरे में 7-8 घंटे तक भिगोकर अच्छी तरह से सूखा लें।

वैसे तो आप इसे गीला भी काम में ले सकते हैं, लेकिन आधुनिक विज्ञान के अनुसार इसको बिलकुल सूखा लेना चाहिए। नमक फाईटिक enzyme को neutral कर देता है । इसके लिए आप अवन में भी सूखा सकते हैं लेकिन तापमान 150 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए। इसलिये बेहतर यही होगा कि आप इसे घर के अंदर ही 24 से 48 घंटे तक रख कर सूखा लें।


अन्ततः हम जानते है कि फाइटिक एसिड, जिसे फाइटेट्स के रूप में भी जाना जाता है, ज्यादातर नट्स और बीजों में पाए जाते हैं, वे अनाज में पाए जाते हैं, और वे फलियों में भी पाए जाते हैं। फाइटिक एसिड को खनिज अवरोधक या एंजाइम अवरोधक के रूप में जाना जाता है, और यह खनिजों को बांध कर रखता है। अनाज को भिगोने और फिर उन्हें अंकुरित करने से फाइटिक एसिड को खत्म किया जा सकता है। जिसके बाद इसका शरीर मे पूर्णतः अवशोषण हो जाता है।

Written by Dharmendra Kumar Singh

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